हार्टअटैक के कारण लक्षण और उपाय!

दोस्तों आज के समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या में से एक है हार्ट अटैक का आना। बदलते जीवन शैली दिनचर्या, तनाव, गलत खानपान, और शारीरिक गतिविधियों की कमी होने के कारण यह बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है दोस्तों पहले यह जो समस्या है बुजुर्गों में देखी जाती थी लेकिन अब यह युवाओं में भी सबसे ज्यादा देखी जा रही है। यह तब होता है जब हृदय तक रक्त संचार नहीं पहुंच पाता है। और हृदय की मांसपेशियां को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। आज हम हार्ट अटैक के करण और उसका निवारण के बारे में बात करेंगे तो चलिए शुरू करते हैं आज का ब्लॉग।

हार्ट अटैक क्या होता है?

दोस्तों हमारा हृदय बिना रुके पंप करता रहता है। जिसके द्वारा शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंच पाता है हृदय को रक्त पहुंचाने का काम कोरोनरी आर्टरी करती है और जब इन धमनियों में कोलेस्ट्रॉल फैट या अन्य पदार्थ जमा होकर ब्लॉक कर देते हैं या ब्लॉकेज बना देते हैं तो रक्त का प्रवाह बिल्कुल रुक जाता है इसी स्थिति को हार्ट अटैक का नाम दिया गया है। आईए जानते हैं हार्ट अटैक होने की क्या कारण होते हैं। और उनसे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।

हार्ट अटैक के मुख्य कारण

1. उच्च रक्तचाप 
ज्यादा रक्तचाप हृदय पर आंतरिक दबाव बनाता है लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने से धामनिया बिल्कुल कमजोर हो जाती हैं और उनमें से ब्लॉकेज बनने लगता है यह सबसे बड़ा हार्ट अटैक का कारण होता है।

2. धूम्रपान और तंबाकू
दूसरा कारण है धूम्रपान और तंबाकू का सेवन दोस्तों सिगरेट बीड़ी और तंबाकू का सेवन हृदय की रक्त को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचता है जिससे धामनिया खराब हो जाते हैं और वह सिकुड़ने लगती हैं जिसके कारण रक्त प्रवाह बहुत ज्यादा प्रभावित होता है। आजकल देखा जा रहा है कि ज्यादातर धूम्रपान करने वालों का ज्यादा खतरा रहता है। कुल मिलाकर धूम्रपान तंबाकू का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

3. खराब खानपान
दोस्तों भाग दौड़ भरी जिंदगी में खराब खांपा एन जंक फूड, फास्ट फूड अत्यधिक तलिए पदार्थ खाने से शरीर के अंदर कोलेस्ट्रॉल अत्यधिक पड़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल का धमनियों में जमा होने के चांस ज्यादा बढ़ा देते हैं यह भी कहीं ना कहीं हार्ट अटैक का कारण हो जाता है।

4. मोटापा
आज की जीवन शैली में अधिक वजन या मोटापा हार्ट अटैक का एक मुख्य कारण बन रहा है। मोटे लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की समस्या सबसे ज्यादा होती है। जो हृदय गति को रोकने में सबसे ज्यादा खतरा पैदा कर सकती है। जिससे हार्ट अटैक होने की चांसेस ज्यादा बढ़ जाते हैं।

5. डायबिटीज होना
डायबिटीज यानी मधुमेह के मरीजों में रक्त वाहिकाएं धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाती है। जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्या होती है इन लोगों में हार्ट अटैक होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है डायबिटीज के मरीजों की वाहिकाओं को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है जिसे ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है, और हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

मधुमेह के मरीजों में रक्त वाहिकाएं धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। ब्लड शुगर नियंत्रित न रहने पर हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।

6. तनाव और चिंता
आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव बहुत ज्यादा रहता है लगातार तनाव में बने रहने की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिसका हृदय पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इस तरह की केस आजकल के युवाओं में यह असर ज्यादा देखा जा रहा है। जो कि तनाव का मुख्य कारण है।

हार्ट अटैक के कुछ अन्य कारण

7. शारीरिक गतिविधि की कमी
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है बहुत सारे लोग अपने काम ऑफिस के चक्कर में अपने शरीर पर ध्यान नहीं देते हैं व्यायाम नहीं कर पाते ज्यादातर ऑफिस में लंबे समय तक बैठने से, शरीर के अंदर फैट जमा हो जाता, और यही फैट हृदय गति को कमजोर करता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है।

8. आनुवंशिक कारण
अगर परिवार के अंदर किसी को हृदय रोग रहा हो या हार्ट अटैक का शिकार हुआ हो तो यह इसका आनुवांशिक कारण माना जाता है।

9. शराब का अधिक सेवन
अत्यधिक शराब का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है जिसके कारण हार्ट अटैक आने की संभावना ज्यादा हो जाती है। अत्यधिक शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। यह थे हार्ट अटैक आने के कुछ कारण हवा यह जानते हैं हार्ट अटैक आने के पहले क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं।

हार्ट अटैक के लक्षण

दोस्तों हार्ट अटैक आने के पहले शरीर में कई संकेत दिखाई देता है इन लक्षणों को कुछ इस प्रकार से देखा जा सकता है और पहचाना जा सकता है।

A. सीने में तेज दर्द या दबाव महसूस करना।
B. कंधे में दर्द, हाथ, पीठ या जबड़े फैलना।
C. सांस लेने में तकलीफ होना।
D.
शरीर में अत्यधिक पसीना आना।
E. चक्कर लगना या आना।
F. उल्टी या जी मितलाना।
G. अचानक कमजोरी महसूस होना

यहां पर मैं आपको बता दूं कि कुछ लोग विशेष कर महिलाओं में डायबिटीज मरीजों में यह लक्षण सामान्य से अलग हो सकते हैं। यह थे हार्ट अटैक आने के कुछ लक्षण आप बात करते हैं हार्ट अटैक की समस्या से कैसे निजात पाया जा सकता है। इसके लिए हम क्या-क्या सावधानियां रख सकते हैं।

हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

अगर आपके घर में या आपके घर के आसपास किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत कम को उठाना चाहिए।

1. मरीज को पहले आराम से बैठाएं।
2. तुरंत एम्बुलेंस या डॉक्टर को बुलाएं।
3. मरीज को घबराने बिल्कुल न दें।
4. डॉक्टर की सलाह के बिना कभी कोई दवा न दें।
5. यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए और सांस न ले रहा हो, तो CPR देने की कोशिश करें।

आधुनिक जीवनशैली और हार्ट अटैक का कनेक्शन
आज की आधुनिक जीवनशैली हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बन रही है। जैसे देर रात तक जागना, मोबाइल और कंप्यूटर का अत्यधिक उपयोग करना, बाहर का खाना और मानसिक तनाव हृदय को कमजोर करता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी दिनचर्या में सुधार जरूर करें।

योग और आयुर्वेद का महत्व
योग और ध्यान करने से हृदय गति को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलती है योग में अनुलोम विलोम कपालभाति और ध्यान करना आयुर्वेद में अर्जुन की छाल लहसुन और वाला हृदय गति के लिए लाभकारी होता है लेकिन किसी भी घरेलू उपाय को अपने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है उसके बाद ही आयुर्वेद औषधि का उपयोग करें।

निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों मुझे उम्मीद है जो जानकारियां मैं यहां पर दिया है। इनको पूरी तरीके से फॉलो करने से आपका हार्ट अटैक होने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके लिए आप सही जीवन शैली संतुलित भोजन करें, नियमित व्यायाम करें, कोई भी अगर लक्षण दिखाई देता है तो उसको नजरअंदाज ना करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी प्रकार की गलत आदत ना डालें जिससे हार्ट अटैक आने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। चलिए फिर मिलते हैं एक नया ब्लॉग़ में तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए “स्वस्थ रहिए मस्त रहिए” नमस्कार।

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