दोस्तों बवासीर एक गंभीर बीमारी है इससे गुदा और मलाशय की नसों में सूजन आ जाती है। इसको हिंदी में अर्श भी कहा जाता है। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आजकल के दिनचर्या में गलत खान-पान गलत जीवन शैली होने के कारण यह युवाओं में भी काफी तेजी से बढ़ रहा है।
बवासीर दो प्रकार की होती है, एक आंतरिक बवासीर और एक बाहरी बवासीर।
आंतरिक बवासीर गुदा के अंदर पाई जाती है इसमें आमतौर पर दर्द नहीं होता है लेकिन खून आता है बाहरी बवासीर में गुदा के बाहर होती है, इसमें दर्द जलन और सूजन ज्यादा होती है। आईए जानते हैं बवासीर होने के मुख्य कारण क्या है और इसके समाधान क्या है।
बवासीर के मुख्य कारण
1. कब्ज
दोस्तों लंबे समय तक कब्ज रहने से मल त्याग होने में प्रॉब्लम होता है जिससे नसों पर ज्यादा दबाव पड़ता है और वहीं से बवासीर का कारण हो जाता है।
2. गलत खान-पान
आजकल की भाग दौड़ बड़ी जिंदगी में फाइबर की कमी हो जाती है जैसे ज्यादातर लोग तालाब होना चाहिए मसालेदार सब्जियां बाहर का खाना जंक फूड पानी कम पीना और भी बाजार में नए-नए फास्ट फूड भी इन सब का कारण बन रहे हैं।
3. लंबे समय तक बैठना
जो लोग ऑफिस या घर में लंबे समय बैठे रहते हैं या बैठकर काम करते हैं अधिकतर उन में भी यह समस्या देखी जाती है।
4. मोटापा
ज्यादा वजन बढ़ाने से पेट निकल आता है और निचले हिस्से पर दबाव ज्यादा बढ़ता है जिससे बवासीर होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
5. गर्भावस्था
महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान भी नसों पर ज्यादा दबाव पड़ता है और इनका नसों पर दबाव होने से बवासीर बनने का चांस से ज्यादा रहता है।
6. भारी वजन उठाना
ज्यादा भारी वजन उठाने से भी गुदा की नसों पर असर पड़ता है। और धीरे-धीरे बवासीर का रूप ले लेता है। कुछ उम्र का भी फर्क पड़ता है उम्र के साथ नशे ज्यादा कमजोर हो जाती हैं जिससे बवासीर की संभावना होने लगती है। यहां पर हमने आपको बताया कि बवासीर होने के मुख्य कारण कौन-कौन से हैं। अब आगे हम समझेंगे कि बवासीर होने के लक्षण क्या है और उनका समाधान क्या है।
बवासीर के लक्षण
सामान्य लक्षण इस प्रकार है:
मल त्याग के समय खून आना।
गुदा के आसपास खुजली या जलन होना।
दर्द या असहजता महसूस होना।
गुदा के आस पास गांठ या सूजन महसूस होना।
मल त्याग के दौरान में कठिनाई होना।
गंभीर लक्षण:
मल द्वार से लगातार खून का बहना।
बहुत अधिक दर्द होना।
बैठने या चलने में परेशानी होना।
गुदा से कुछ बाहर निकलना।
दोस्तों, इस दौरान अगर खून ज्यादा आ रहा हो या दर्द असहनीय हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। नहीं तो यह बहुत बड़ा गंभीर समस्या हो सकती है। अब आईए जानते हैं बवासीर से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।
बवासीर से छुटकारा कैसे पाएं?
1. खान-पान में सुधार करें।
2. इनका सेवन ज्यादा करें जैसे, हरी सब्जियाँ, फल, दलिया, ओट्स आदि।
3. रोजाना 8–10 गिलास पानी जरूर पिएँ।
4.मसालेदार और जंक फूड कम करें।
5. सुबह समय पर शौच जरूर जाएँ।
6. मल त्याग के समय ज्यादा जोर न लगाएँ।
7. रोज 20–30 मिनट जरूर टहलें।
8. योग करें जैसे: पवनमुक्तासन, मलासन
9. ज्यादा लंबे समय तक बैठने से बचें।
10. हर 1 घंटे में थोड़ा टहलें।
11. आरामदायक कुर्सी का इस्तेमाल करें
12. दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी में बैठने से दर्द और सूजन कम होती है।
कुछ घरेलू उपाय
1. त्रिफला का चूर्ण
रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज की समस्या दूर होती है।
2. शहद और नींबू सेवन
इसको सुबह खाली पेट लेने से पाचन बेहतर होता है।
3. लहसुन का उपयोग
यह सूजन कम करने में काफी मदद करता है।
4. छाछ पीएं
इसमें नमक और जीरा डालकर पीने से पाचन सुधरता है।
ये चिकित्सा उपचार अपनाए।
दोस्तों, अगर घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता, तो डॉक्टर निम्न उपचार कर सकते हैं:
1. दवाइयाँ
दर्द और सूजन कम करने की दवाइयाँ लेनी चाहिए।
मल को नरम करने की दवाइयाँ लेनी चाहिए।
2. रबर बैंड लिगेशन
इस हाल में डाक्टर द्वारा गांठ को रबर बैंड से बांधकर सूखा दिया जाता है।
3. लेजर या सर्जरी करना
अगर गंभीर स्थिति है तो ऑपरेशन करना पड़ सकता है।
कब डॉक्टर से मिलें?
बार-बार खून आ रहा हो तब।
मलाशय में दर्द ज्यादा हो तब।
घरेलू उपाय असर न करें तब।
गुदा से कुछ बाहर निकल रहा हो तब।
इन स्थितियों में देरी करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए समय से डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, बवासीर एक सामान्य बीमारी है, लेकिन अगर यह गंभीर बन जाता है तो बहुत समस्या पैदा करता है। यदि समझदारी से काम नहीं लिया जाए तो यह हमारे जीवन के लिए बहुत गंभीर बीमारी होती है। इसका मुख्य कारण गलत जीवन शैली और कब्ज ही होता है। सही तरीके से खानपान पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करने से इसको काफी हद तक रोका जा सकता है। इसकी शुरुआती लक्षण दिखाई देते समय ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। मुझे उम्मीद है सारी जानकारी आपको समझ में आ गई होगी एक नए ब्लॉग़ में तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए। स्वस्थ रहिए मस्त रहिए। नमस्कार।