दोस्तों डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जिसमें रक्त में शुगर यानी ग्लूकोज के स्तर को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाता है, और इसके बाद में यह समस्या उत्पन्न हो जाती है दोस्तों जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता है या जो इंसुलिन बनता है उसका सही उपयोग नहीं कर पता है। तो यह समस्या उत्पन्न होती है इंसुलिन एक हार्मोन है जो हमारे शरीर में शुगर को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। और दोस्तों जब यह प्रक्रिया बाधित होती है तो खून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है जिसेको डायबिटीज कहा जाता है।
आज के ब्लॉग में हम जानेंगे कि किस प्रकार से डायबिटीज होती है इसके क्या लक्षण होते हैं। और सबसे लास्ट में हम आपको इसके उपाय भी बताएंगे तो चलिए आज का ब्लॉग़ शुरू करते हैं।
डायबिटीज तीन प्रकार की होती है।
1. टाइप 1 डायबिटीज
इस डायबिटीज से शरीर में इंसुलिन बनाना लगभग बंद कर देता है। यह डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं के बीच में पाया जाता है इसमें इंसुलिन का इंजेक्शन लेना बहुत जरूरी होता है
2. टाइप 2 डायबिटीज
यह सबसे सामान्य प्रकार की डायबिटीज है।इसके होने पर शरीर में इंसुलिन तो बनता है लेकिन इसका सही उपयोग नहीं हो पता है। यह अधिकतर युवाओं में होता है खासकर जो मोटापा या खराब जीवन शैली की समस्या के शिकार होते हैं।
3. टाइप डायबिटीज
यह डायबिटीज गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होती है और यह अक्सर ठीक भी हो जाती लेकिन भविष्य में इस डायबिटीज का खतरा भी रहता है।
यहां पर हमने बात किया कि डायबिटीज कितने प्रकार की होती हैं अब बात करते हैं डायबिटीज के कारण क्या है। डायबिटीज की कई कारण हो सकते हैं यहां पर हम कुछ मुख्य कारण के बारे में बात करेंगे।
डायबिटीज के मुख्य कारण
डायबिटीज के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
अनुवांशिक कारण:
पहला कारण है आनुवांशिक कारण अगर आपके घर में किसी को भी डायबिटीज है तो इससे भी डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसको जेनेटिक या आनुवांशिक कारण बताया जाता है।
मोटापा-
डायबिटीज का दूसरा कारण है मोटापा ज्यादा वजन होने से भी डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। और इसके कारण अंदर शरीर का इंसुलिन सही तरीके से उपयोग में नहीं हो पता है।
खराब खान-
पान: खानपान भी अगर आपका सही नहीं रहता है जैसे ज्यादा मीठा खा लेना, जंक फूड खाना तले हुए भोजन का सेवन ज्यादा करना इससे भी डायबिटीज का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
शारीरिक गतिविधि-
कुछ शारीरिक गतिविधि के कारण भी हो जाता है जैसे एक्सरसाइज न करने से शरीर की कार्य क्षमता कम हो जाती है, तनाव की वजह से मानसिक तनाव भी शुगर लेवल को काफी हद तक बढ़ा देता है। शरीर के हार्मोन में गड़बड़ी भी इसका कारण हो सकती है।
यहां पर मैंने स्पष्ट किया कि किन कारणो से डायबिटीज हो सकता है। आगे हम डायबिटीज होने वाले लक्षण के बारे में जानेंगे। तो आईए जानते हैं कि डायबिटीज की क्या-क्या लक्षण होते हैं और कैसे समाधान किया जा सकता है। डायबिटीज के लक्षण को पहचानना बहुत ही आसान है नीचे दिए बिंदुओं पर ध्यान दें-
डायबिटीज के लक्षण
डायबिटीज के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं, लेकिन इन्हें पहचानना बहुत आवश्यक है-
बार-बार पेशाब का आना।
बहुत ज्यादा प्यास लगना।
बार-बार भूख का लगना।
थकान और कमजोरी महसूस होना।
वजन का अचानक कम हो जाना।
आंखों की रोशनी धुंधली होना।
घावों का देर से ठीक होना।
त्वचा में खुजली या संक्रमण होना।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय से है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और इसकी जांच करवानी चाहिए नहीं तो यह बीमारी एक दिन डायबिटीज का कारण बन सकती है। अब बात करेंगे डायबिटीज के रोकने के उपाय और इसे कैसे बचाव किया जा सकता है।
डायबिटीज के उपाय और नियंत्रण
देखिए डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म करना तो मुश्किल हो जाएगा लेकिन इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। इसके लिए आपको दिए गए नीचे निम्न तरीकों को अपनाना है।
1. संतुलित आहार लेना (Balanced Diet)
हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन लें
मीठा खाना, तला-भुना और जंक फूड को कम करें।
ज्यादा फाइबर वाला खाना खाएं।
समय पर भोजन जरूर करें।
2. नियमित व्यायाम करना (Exercise)
रोजाना कम से कम 30 मिनट जरूर टहलें
सुबह के टाइम योग, प्राणायाम और हल्की कसरत जरूर करें
वजन को नियंत्रित करने की कोशिश करें।
3. नियमित जांच (Regular Checkup)
ब्लड शुगर की नियमित जांच जरूर करें।
डॉक्टर की सलाह से दवा या इंसुलिन लें।
4. तनाव कम रखें (Stress Management)
ध्यान (Meditation) और योग अपनाएं
पर्याप्त नींद लें (7-8 घंटे)
धूम्रपान और शराब से बचें
5. कुछ घरेलू उपाय (Home Remedies)
मेथी के दाने: रात में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें
करेला जूस: ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार
जामुन के बीज का पाउडर: नियमित सेवन से लाभ मिलता है
नीम और तुलसी के पत्ते: शरीर को शुद्ध करने में सहायक
(ध्यान दें: ये उपाय सहायक हैं, लेकिन उपयोग के पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है)
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, डायबिटीज के गंभीर समस्या जरूर है, लेकिन इसको नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सही खान-पान नियमित व्यायाम और समय पर समय पर जांच करना अति आवश्यक है। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान दिए जाते हैं तो उचित कदम जरूर उठाएं। इसके बाद एक स्वस्थ व्यक्ति की तरह जीवन दिया जा सकता है। मुझे उम्मीद है जानकारी आपको समझ में आ गई होगी फिर मिलते हैं एक नए ब्लॉग़ में तब तक के लिए स्वस्थ रहिए मस्त रहिए अपना ख्याल रखिए नमस्कार।