टीवी खरीदते समय किन-किन बातों का रखें ध्यान जानिए पूरी जानकारी

टीवी खरीदना या ब्रांड का नाम जानना या फिर फीचर्स पर भागना आज की डेट में सही नहीं है। आजकल की कंपनियां Ai प्रोसेसिंग और गेमिंग बूस्ट जैसे शब्दों से मार्केट भर दे रही है, जबकि ऐसा कुछ होता नहीं है। हकीकत इसका यह है कि लोग टीवी खरीदने के बाद में पछतावा करते हैं और परेशान होते हैं। कहीं मोमेंट स्मूथ नहीं होता है तो कहीं ब्लैक कलर सही से नहीं दिखता है या फिर कनेक्टिविटी ही लिमिटेड निकलती है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लिए हम आपको जरूरी जानकारी बताते हैं, की टीवी खरीदने से पहले आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना है।

रेजोल्यूशन चेक करें

आजकल टीवी के ब्रांड भले 8K मॉडल्स को खूब प्रमोशन कर रहे हो लेकिन असली बात यह है कि यह कंटेंट को बहुत ही लिमिटेड सपोर्ट करता है,
इसमें ज्यादातर ओटीटी प्लेटफॉर्म गेमिंग कंसोल और ब्रॉडकास्ट सिस्टम आज की डेट में भी 4K पर ही फोकस कर रहे हैं। इसीलिए आज के समय में अल्ट्रा एचडी यानी 4K ही घर पर लाने की सही सलाह मानी जाती और यह समझदारी भी है।

 

पैनल की बात करें तो

दोस्तों अक्सर लोग टीवी खरीदने से पहले सिर्फ स्क्रीन का साइज ही देखते हैं रेजोल्यूशन पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते लेकिन असली खेल तो उसके अंदर लगे पैनल का होता है वही पैनल तय करता है कि ब्लैक लेवल कितने डीपी होंगे और ब्राइटनेस कैसी रहेगी। इसमें कलर कितने बारीक से देखेंगे और दिखने का एंगल कैसा रहेगा। यहां पर हम चार पैनल के बारे में बताने जा रहे हैं।

  1. VA पैनल इस पैनल की खासियत यह होती है कि इनमें कंट्रास्ट ज्यादा स्ट्रांग होता है और ब्लैक ज्यादा डीप दिखता है।
    2. LCD ज्यादा बड़ा होती है और इनमें अलग-अलग तरीके के पैनल मिलते हैं जैसे IPS और VA आदि।
    3. IPS पैनल में देखने का एंगल काफी तिरछे लगता है, इसमें अगर आप साइड से भी टीवी को देखेंगे तो आपको पिक्चर सही दिखेगी, इसकी खासियत यह है कि इसे बड़े परिवार या ज्यादा बैठने की व्यवस्था वाले कमरे में अच्छा रहेगा।
    4. OLED पैनल को आज भी बहुत अच्छा पैनल माना जाता है। क्योंकि इसके अंदर एक्सेल खुद लाइट करता है। इसी की वजह से ब्लैक बहुत डीप और कंट्रास्ट काफी जबरदस्त देखने को मिलता है।

HDMI 2.1 गेमिंग और फ्यूचर के लिए है सबसे जरूरी

देखिये अक्सर लोग TV खरीदते समय HDMI पोर्ट्स पर ध्यान ही नहीं देते हैं, लेकिन जब जरूरत तब समझ आती है जब आप उसमें गेमिंग कंसोल, साउंडबार या स्ट्रीमिंग डिवाइस जोड़ते हैं. उस टाइम HDMI की जरूरत होती है.

  • HDMI 2.1 में कई काम के फीचर्स मिलते हैं, 
    4K रेजोल्यूशन पर 120Hz सपोर्ट.
    इससे गेमिंग स्मूद होती है.
    लेटेंसी काम करने में मदद करता है.
    बेहतर ऑडियो क्वालिटी मिलती है.
    अच्छा होगा कि एक प्रीमियम TV में कम से कम 2 HDMI 2.1 पोर्ट होना चाहिए, और अगर 4 मिल जाएं तो और ज्यादा सही रहता है.

HDR सपोर्ट
HDR का काम असल में पिक्चर की क्वालिटी को बेहतर बनाना होता है। इससे कॉन्ट्रास्ट, Colour डिटेल्स और ब्राइट हिस्से ज्यादा साफ और नैचुरल दिखते हैं। लेकिन हर HDR फॉर्मेट एक जैसा नहीं होता।

इसके तीन आम स्टैंडर्ड होंगे-
HDR10
HDR10+
Dolby Vision
इनमें हर एक का परफॉर्मेंस और क्वालिटी हैंडल करने का तरीका थोड़ा अलग होता है, इसलिए सिर्फ ‘HDR सपोर्ट है’ यही देखकर फैसला नहीं लेना है।

बैकलाइटिंग
LCD और QLED TVs में सिर्फ पैनल ही नहीं, बल्कि बैकलाइटिंगभी उतनी ही जरूरी होती है. बैकलाइटिंग के 3 तरह के होते हैं

Edge-lit- इसमें LEDs स्क्रीन के किनारों पर लगी होती हैं। ऐसे TVs आमतौर पर पतले होते हैं, लेकिन इसके अंदर ब्राइटनेस बराबर नहीं रहती है, और डार्क सीन्स में ब्लैक लेवल उतना सही नहीं आता है।

Direct-lit – इसमें LEDs पूरे पीछे लगे होते हैं, जिससे ब्राइटनेस थोड़ी ज्यादा और बराबर तरीके से मिलती है. इसके अंदर लाइट को बहुत पास से कंट्रोल नहीं किया जा सकता है।

Full-Array Local Dimming- ये LCD TVs के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है। इसमें स्क्रीन के अलग-अलग हिस्सों की रोशनी को अलग-अलग कंट्रोल किया जा सकता है। इससे कॉन्ट्रास्ट बेहतर होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)
यहां पर मैंने आपको बताया कि टीवी खरीदने से पहले कुछ चीजों का ध्यान देना जरूरी है जिससे आपको आगे चलकर कोई परेशानी ना हो, कई लोग टीवी खरीदने में जल्दबाजी कर देते हैं और उसके बाद में पछताते हैं कि गलत फैसला ले लिया। यह नहीं लेना चाहिए था, वह नहीं लेना चाहिए आदि। लेकिन अब आपको ध्यान देना होगा इन सब बातों का। मुझे उम्मीद है जानकारी आपको समझ में आ गई होगी। चलिए फिर मिलते हैं कि नए ब्लॉग़ में तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए नमस्कार।

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